वाशिंगटन (राजीव शर्मा): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी मौजूदा संघर्ष समाप्त होते ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध में वाशिंगटन का पलड़ा लगातार भारी हो रहा है।
संघर्ष पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि “जैसे ही हम ईरान के खिलाफ यह युद्ध जीतेंगे”, तेल के दाम नीचे आ जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सैन्य टकराव में संयुक्त राज्य अमेरिका लगातार बढ़त बनाए हुए है।
ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी एक उत्तेजक सुझाव दिया। मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा कि इस समुद्री मार्ग का नाम बदलकर “ट्रंप स्ट्रेट” (Trump Strait) रख दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि ईरान का नेतृत्व इस विचार को कतई पसंद नहीं करेगा।
राष्ट्रपति ने ईरानी हुकूमत पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मौजूदा हालात से ईरानी अधिकारी खुश हैं। उन्होंने ईरान की स्थिति को गंभीर आंतरिक मुश्किलों से घिरा हुआ बताया।
फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा गलियारों में से एक है। इस जलमार्ग में किसी भी तरह का लंबा व्यवधान वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और ऊर्जा की कीमतों पर सीधा असर डालता है।
ट्रंप का यह बयान अमेरिका-ईरान तनाव के चरम पर पहुंचने और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में छाई अनिश्चितता के बीच आया है। युद्ध के अंतिम परिणाम को तेल की घटी कीमतों से जोड़कर दिए गए उनके इस बयान ने टकराव से जुड़े व्यापक आर्थिक पहलुओं को रेखांकित किया है।
इसके अलावा, उनके इन बयानों ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से ही तल्ख बयानबाजी को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच जारी इस टकराव का असर अब केवल मध्य पूर्व तक सीमित न रहकर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।
